
उनका जन्म १६ मई १९०८ में ग्राम सोनबरसा - तहसील सलेमपुर , ज़िला देवरिया [ तत्कलीन गोरखपुर ] के एक कृषक परिवार में हुआ था।
उन्होंने १९२२ में किंग एडवर्ड हाई स्कूल देवरिया [ वर्तमान राजकीय इण्टर कॉलेज, देवरिया ] से हाई स्कूल प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया था।
उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल, अतीत की जकड़न में लगभग निष्पंद पूर्वांचल, अपने महिमा मंडन के लिए उधार के महापुरुषों की खोज में निरंतर प्रयासरत पूर्वांचल सदा सर्वदा कुछ कुछ नामों पर आकर ठहर जाता है। देवरहा बाबा पूर्वांचल के शीर्ष पुरुष हैं। शायर फ़िराक़ गोरखपुरी और चित्रकार अमृता शेरगिल, समाज सेवी बाबा राघव दास तथा पूर्व प्रधान मंत्री चंद्रशेखर कुछ अन्य नाम हैं जिनके ऊपर पूर्वांचल का कुंठित समाज गर्व का अनुभव कर लेता है। अगर पूरे पूर्वांचल की यह स्थिति है तब देवरिया जनपद की क्या स्थिति होगी इसकी कल्पना की जा सकती है।
२- एक पड़ोसी मित्र राष्ट्र द्वारा भारत पर आक्रमण इस युग की अत्यंत दुर्भाग्य पूर्ण दुर्घटना है। भारतीय जनसंघ ने १९५७ में तिब्बत को लाल चीन द्वारा उदरस्थ किए जाने के बाद अपने चुनाव घोषणा पत्र में यह आशंका व्यक्त की थी कि लाल चीन के इरादे भारत के प्रति अच्छे नहीं हैं और लाल चीन भारत पर आक्रमण कर सकता है किन्तु उस समय हमारे शासक वर्ग ने जनसंघ की इस चेतावनी के प्रति ध्यान नहीं दिया। जनसंघ की राजनैतिक भविष्यवाणी आज सत्य सिद्ध हुई है।